राहु–केतु गोचर 2026: मकर में राहु, कर्क में केतु
2026 के अंत में राहु-केतु की धुरी बदलेगी: राहु कुंभ से मकर में और केतु सिंह से कर्क में जाएँगे। राहु-केतु का गोचर लगभग 18 महीने रहता है, इसलिए यह 2027 और 2028 के पहले आधे भाग को प्रभावित करेगा।
| तिथि और समय | घटना |
|---|---|
| 25 नवंबर 2026, 19:15 IST | राहु का मकर राशि में प्रवेश · केतु का कर्क राशि में प्रवेश (स्पष्ट) |
| 5 दिसंबर 2026, 22:32 IST | राहु का मकर राशि में प्रवेश (मध्यम) |
| 24 मई 2028, 15:11 IST | राहु का धनु राशि में प्रवेश · केतु का मिथुन राशि में प्रवेश (स्पष्ट) |
समय स्विस एफेमेरिस (निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश) से गणना किए गए हैं, भारतीय / श्रीलंका समय (IST, UTC+5:30) में।
दो तिथियाँ क्यों? स्पष्ट बनाम मध्यम राहु
राहु और केतु गणितीय बिंदु हैं और इनकी गणना के दो मानक तरीके हैं। स्पष्ट (वास्तविक) राहु के अनुसार — जिसका ZodiacGraph में प्रयोग होता है — राहु 25 नवंबर 2026, 19:15 IST को मकर में प्रवेश करेंगे। मध्यम राहु के अनुसार, जो कई पंचांगों में छपता है, प्रवेश 5 दिसंबर 2026, 22:32 IST को होगा। दोनों अपनी पद्धति में सही हैं; नीचे दिए प्रभाव नवंबर के अंत से दिसंबर 2026 की शुरुआत से लागू होते हैं। राहु 24 मई 2028 (स्पष्ट) / 24 जून 2028 (मध्यम) को मकर से धनु में जाएँगे।
अपनी चंद्र राशि चुनें
शास्त्रीय गोचर के अनुसार इसे अपनी चंद्र राशि से पढ़ें। पूरी तस्वीर के लिए — आपका लग्न, चल रही दशा और आपकी कुंडली में सटीक भाव — अपनी कुंडली देखें।
♈मेषचुनौतीपूर्ण
दसवें भाव में राहु करियर में तीव्र महत्वाकांक्षा और प्रसिद्धि देता है — लाभ संभव है, पर शॉर्टकट से बचें। चौथे भाव में केतु घर में वैराग्य लाता है — सरलता से शांति मिलती है।
♉वृषभमिश्रित
नौवें भाव में राहु आस्थाओं और गुरुओं पर प्रश्न उठाता है — विदेश यात्रा या अलग तरह की शिक्षा आकर्षित करती है। तीसरे भाव में केतु शुभ है — निर्भीक प्रयास और आध्यात्मिक साहस।
♊मिथुनचुनौतीपूर्ण
आठवें भाव में राहु अचानक घटनाएँ और छिपी बातें सामने ला सकता है — जोखिम से बचें; शोध और गूढ़ विद्या फलती है। दूसरे भाव में केतु बचत या पारिवारिक सामंजस्य को प्रभावित कर सकता है — मधुर बोलें और बजट बनाएँ।
♋कर्कचुनौतीपूर्ण
सातवें भाव में राहु तीव्र या असामान्य संबंध और साझेदारियाँ लाता है — हर समझौते को ध्यान से पढ़ें। चंद्र राशि पर केतु आत्मचिंतन और वैराग्य देता है — स्वास्थ्य और स्व-देखभाल को प्राथमिकता दें।
♌सिंहशुभ
छठे भाव में राहु शुभ है — दृढ़ता से प्रतिद्वंद्वियों, कर्ज़ और रोग पर विजय। बारहवें भाव में केतु आध्यात्मिकता और आंतरिक स्वतंत्रता के लिए शुभ — खर्च पर नज़र रखें और अच्छा आराम करें।
♍कन्यामिश्रित
पाँचवें भाव में राहु नए विचार और सट्टे की इच्छा जगाता है — निवेश, प्रेम और संतान के मामलों में सावधानी रखें। ग्यारहवें भाव में केतु शुभ है — अप्रत्याशित लाभ और पुरानी इच्छाओं से मुक्ति।
♎तुलाचुनौतीपूर्ण
चौथे भाव में राहु घर और मन की शांति को अस्थिर करता है — संपत्ति, वाहन या स्थानांतरण पर ध्यान दें। दसवें भाव में केतु काम में उदासीनता या अचानक बदलाव ला सकता है — एकाग्र रहें।
♏वृश्चिकशुभ
तीसरे भाव में राहु शुभ है — साहस, पहल, मीडिया, बिक्री और छोटी यात्राओं से सफलता। नौवें भाव में केतु आपको भीतर की ओर ले जाता है — रूढ़ि से अधिक साधना।
♐धनुचुनौतीपूर्ण
दूसरे भाव में राहु धन और परिवार में हलचल लाता है — वाणी पर संयम रखें और जोखिम भरी धन योजनाओं से बचें। आठवें भाव में केतु अंतर्ज्ञान और शोध को गहरा करता है — अनावश्यक जोखिम से बचें।
♑मकरचुनौतीपूर्ण
चंद्र राशि पर राहु महत्वाकांक्षा और बेचैनी बढ़ाता है — स्वयं को नया रूप दें, पर आवेग में कदम न उठाएँ और तनाव पर नज़र रखें। सातवें भाव में केतु साझेदारी में दूरी ला सकता है — खुलकर बात करें।
♒कुंभमिश्रित
बारहवें भाव में राहु खर्च और विदेशी संबंध बढ़ाता है — नींद का ध्यान रखें और छिपे नुकसान से बचें। छठे भाव में केतु शुभ है — बाधाओं पर विजय और रोग से अच्छी रिकवरी।
♓मीनशुभ
ग्यारहवें भाव में राहु अत्यंत शुभ है — लाभ, संपर्क और बड़े लक्ष्य पहुँच में। पाँचवें भाव में केतु संतान, पढ़ाई या प्रेम के निर्णयों में भ्रम दे सकता है — दो बार सोचें।
आपकी कुंडली पर क्या असर?
चंद्र राशि केवल एक हिस्सा है। यह गोचर अपनी जन्म कुंडली और वर्तमान दशा के साथ देखें — मुफ़्त।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में राहु मकर राशि में कब प्रवेश करेंगे?
स्पष्ट राहु के अनुसार 25 नवंबर 2026, 19:15 IST को; मध्यम राहु के अनुसार, जिसे कई पंचांग प्रयोग करते हैं, 5 दिसंबर 2026, 22:32 IST को (भारतीय / श्रीलंका समय)।
राहु मकर में कितने समय रहेंगे?
लगभग 18 महीने — स्पष्ट राहु के अनुसार 24 मई 2028 तक (मध्यम राहु के अनुसार 24 जून 2028), जब राहु धनु और केतु मिथुन में जाएँगे।
इस राहु-केतु गोचर से किन राशियों को लाभ होगा?
शास्त्रीय रूप से राहु और केतु चंद्र से 3, 6 और 11वें भाव में सर्वोत्तम फल देते हैं। इस गोचर में राहु वृश्चिक (3), सिंह (6), मीन (11) के लिए, तथा केतु वृषभ (3), कुंभ (6), कन्या (11) के लिए शुभ है (कोष्ठक में चंद्र से भाव)।
क्या यह पृष्ठ मेरी पूरी कुंडली पर आधारित है?
यह आपकी चंद्र राशि से पढ़ा गया है। सटीक भाव, लग्न और चल रही दशा के लिए मुफ़्त कुंडली कैलकुलेटर देखें या गुरु से पूछें।
अद्यतन: 2026-10-17