शनि गोचर 2027: मेष राशि में शनि

कर्म और अनुशासन के ग्रह शनि लगभग ढाई वर्ष बाद 3 जून 2027, 05:28 IST को मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। वक्री होकर वे 20 अक्टूबर 2027 को फिर मीन में जाएँगे और 23 फ़रवरी 2028 को मेष में लौटेंगे। इससे साढ़े साती बदलेगी: वृषभ की शुरू होगी, मेष का शिखर चरण आएगा और कुंभ की समाप्त होगी।

तिथि और समयघटना
11 दिसंबर 2026, 05:59 ISTशनि मीन में मार्गी
3 जून 2027, 05:28 ISTशनि का मेष राशि में प्रवेश
9 अगस्त 2027, 22:54 ISTशनि मेष में वक्री
20 अक्टूबर 2027, 07:12 ISTशनि का मीन राशि में प्रवेश
24 दिसंबर 2027, 09:04 ISTशनि मीन में मार्गी
23 फ़रवरी 2028, 19:24 ISTशनि का मेष राशि में प्रवेश

समय स्विस एफेमेरिस (निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश) से गणना किए गए हैं, भारतीय / श्रीलंका समय (IST, UTC+5:30) में।

साढ़े साती 2027 — किसकी शुरू, किसकी समाप्त

चंद्र राशिमीन में शनि (3 जून 2027 तक)मेष में शनि (3 जून 2027 से)
♈ मेषसाढ़े साती — पहला चरणसाढ़े साती — दूसरा (शिखर) चरण
♉ वृषभ—साढ़े साती — पहला चरण
♊ मिथुन——
♋ कर्क——
♌ सिंहअष्टम शनि (8वाँ)—
♍ कन्या—अष्टम शनि (8वाँ)
♎ तुला——
♏ वृश्चिक——
♐ धनुकंटक शनि (4था)—
♑ मकर—कंटक शनि (4था)
♒ कुंभसाढ़े साती — तीसरा चरण—
♓ मीनसाढ़े साती — दूसरा (शिखर) चरणसाढ़े साती — तीसरा चरण

अपनी चंद्र राशि चुनें

शास्त्रीय गोचर के अनुसार इसे अपनी चंद्र राशि से पढ़ें। पूरी तस्वीर के लिए — आपका लग्न, चल रही दशा और आपकी कुंडली में सटीक भाव — अपनी कुंडली देखें।

♈मेषचुनौतीपूर्ण

आपके 1वें भाव में शनि

चंद्र राशि पर शनि — साढ़े साती का शिखर — भारी ज़िम्मेदारी, थकान और धीमी प्रगति लाता है। जीवन सरल रखें, नियमित दिनचर्या बनाएँ और स्वास्थ्य का ध्यान रखें; अभी का धैर्यपूर्ण प्रयास स्थायी फल देगा।

♉वृषभचुनौतीपूर्ण

आपके 12वें भाव में शनि

साढ़े साती आरंभ: खर्च बढ़ेंगे, नींद या आराम प्रभावित हो सकता है, स्थान परिवर्तन या यात्रा संभव। धन की योजना बनाएँ और आत्मचिंतन करें।

♊मिथुनशुभ

आपके 11वें भाव में शनि

फलदायी गोचर: निरंतर लाभ, लंबे समय की महत्वाकांक्षाएँ पूरी और मित्रों व वरिष्ठों का सहयोग।

♋कर्कमिश्रित

आपके 10वें भाव में शनि

करियर में भारी काम और जवाबदेही। ईमानदारी और लगन से पहचान धीरे-धीरे पर निश्चित रूप से मिलेगी।

♌सिंहमिश्रित

आपके 9वें भाव में शनि

भाग्य धीमा लगता है और पिता या गुरुजनों का सहयोग प्रयास से मिलता है। आस्था की परीक्षा है — अपने सिद्धांतों पर टिके रहें।

♍कन्याचुनौतीपूर्ण

आपके 8वें भाव में शनि

अष्टम शनि: बाधाओं, देरी और स्वास्थ्य देखभाल का कठिन समय। जोखिम से बचें, बचत सुरक्षित रखें और दीर्घकालिक सुरक्षा पर ध्यान दें।

♎तुलामिश्रित

आपके 7वें भाव में शनि

संबंध और साझेदारी परिपक्वता माँगते हैं; देरी या दूरी संभव है। वचन निभाएँ और समझौते स्पष्ट रखें।

♏वृश्चिकशुभ

आपके 6वें भाव में शनि

अत्यंत शुभ: अनुशासन से शत्रु, कर्ज़ और रोग पर विजय मिलती है और कार्यस्थल पर निरंतर सेवा का फल मिलता है।

♐धनुमिश्रित

आपके 5वें भाव में शनि

शनि संतान, पढ़ाई, प्रेम और सट्टे से जुड़े निर्णयों की परीक्षा लेता है। धैर्य रखें, सोच-समझकर योजना बनाएँ और जोखिम भरे निवेश से बचें।

♑मकरचुनौतीपूर्ण

आपके 4वें भाव में शनि

कंटक (अर्धाष्टम) शनि: घर, संपत्ति या माता-पिता का स्वास्थ्य चिंता दे सकता है। मन की शांति बचाएँ और जोखिम भरे संपत्ति निर्णयों से बचें।

♒कुंभशुभ

आपके 3वें भाव में शनि

शुभ गोचर: मेहनत रंग लाती है, साहस और सहनशक्ति बढ़ती है और आप प्रतिद्वंद्वियों से आगे रहते हैं। कौशल, लेखन और निरंतर प्रयास के लिए अच्छा।

♓मीनचुनौतीपूर्ण

आपके 2वें भाव में शनि

साढ़े साती का अंतिम चरण: धन और परिवार के मामलों में अनुशासन चाहिए। दबाव धीरे-धीरे घटेगा — कठोर वचन और अनावश्यक खर्च से बचें।

आपकी कुंडली पर क्या असर?

चंद्र राशि केवल एक हिस्सा है। यह गोचर अपनी जन्म कुंडली और वर्तमान दशा के साथ देखें — मुफ़्त।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में शनि मेष राशि में कब प्रवेश करेंगे?

शनि 3 जून 2027, 05:28 IST (भारतीय / श्रीलंका समय) को निरयन मेष राशि में प्रवेश करेंगे।

2027 में किसकी साढ़े साती शुरू और किसकी समाप्त?

मेष में शनि होने पर वृषभ राशि की साढ़े साती शुरू होगी और कुंभ की समाप्त होगी; मेष शिखर चरण में होगी। अष्टम शनि कन्या पर लागू होगा।

क्या शनि वापस मीन में जाएँगे?

हाँ। शनि वक्री होकर 20 अक्टूबर 2027 को फिर मीन में जाएँगे और 23 फ़रवरी 2028 को स्थायी रूप से मेष में आएँगे। इस बीच पिछली साढ़े साती की स्थिति कुछ समय लौटती है।

मेष में शनि शुभ है या अशुभ?

मेष में शनि नीच (कमज़ोर) होते हैं, इसलिए सबक कठिन और फल धीमे लग सकते हैं — पर आप पर प्रभाव चंद्र और लग्न से भाव तथा आपकी दशा पर निर्भर करता है। नीचे हर चंद्र राशि का शास्त्रीय फल है।

अद्यतन: 2026-10-17